Bel Ka Ped. Is a bael tree auspicious in the house or not? How to fertil
Is a bael tree auspicious in the house or not? How to fertilizer for BEL Patta plantmore बेल एक लाभकारी फल है अत: इसके अधिकाधिक उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए। कच्चे फलों को मुरब्बा एवं कैंडी, या भुनकर खाने से पेचिश, भूख न लगना एवं अन्य पेट के विकारों से छुटकारा पाया जा सकता है। और इसका उपयोग शरबत, जेम, टाफी, बेल चूर्ण बनाने में भी किया जाता है।. मी. 0 6 views 2 hours ago बेलपत्र का पेड़ काटने से क्या होता है / bel ke ped ko katne se kya hota hai / bel ka ped katna chahiye ya nahi more Jul 20, 2021 · बेलपत्र का पौधा – Belpatra Ka Paudha बेलपत्र का वृक्ष लंबा व घनेदार होता है और बेलपत्र का पौधा कंटीली झाड़ियों की तरह होता है. Image-Shutterstock Bel Patra Ke Ped Ke Fayde : सनातन धर्म में बेलपत्र अत्यंत महत्वपूर्ण Aug 2, 2024 · Bel Patra Tree Benefits: शिवजी को चढ़ने वाला बेल पत्र बेहद शुभ माने जाते हैं. इसलिए Jul 23, 2020 · बेलपत्र का पौधा घर में लगाना शुभ होता है या अशुभ? जानिए #बेलपत्र #Vastushastra # Jul 7, 2023 · क्या आपको पता है कि सावन में शिव जी को चढ़ाया जाने वाला बेल पत्र का पौधा किस तरह से घर में एक गमले में उगाया जा सकता है? चलिए आपको बताते हैं इसका प्रोसेस। May 25, 2021 · सपने में बेल का पेड़ देखना. बेल के शरबत के सेवन से शरीर को कई Mar 20, 2023 · Bael Patra Benefits अगर आप रोज सुबह खाली पेट बेलपत्र का सेवन करेंगे तो इससे शरीर को कई Jul 10, 2023 · Vastu Tips For Belpatra Plant: बेलपत्र भगवान शिव को अति प्रिय है। नियमित रूप से बेलपत्र चढ़ाने से शनिदोष से लेकर पितृदोष से मुक्ति मिल जाती है। जानिए बेलपत्र के पेड़ में We would like to show you a description here but the site won’t allow us. Jul 17, 2025 · वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर में बेलपत्र का पेड़ सही दिशा में लगाना बहुत जरूरी होता है। इसे गलत स्थान या दिशा में रखने से जातक को शुभ की जगह अशुभ फल की प्राप्ति हो सकती है। माना जाता है कि बेलपत्र को घर में हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में लगाना चाहिए। इसके अलावा, आप उत्तर या पूर्व दिशा में भी इस पेड़ को रख सकते हैं। ऐसा करने से घर का वात बिल्व, बेल या बेलपत्थर, भारत में होने वाला एक फल का पेड़ है। इसे रोगों को नष्ट करने की क्षमता के कारण बेल को बिल्व कहा गया है। [1] इसके अन्य नाम हैं-शाण्डिल्रू (पीड़ा निवारक), श्री फल, सदाफल इत्यादि। इसका गूदा या मज्जा बल्वकर्कटी कहलाता है तथा सूखा गूदा बेलगिरी। बेल के वृक्ष सारे भारत में, विशेषतः हिमालय की तराई में, सूखे पहाड़ी क्षेत्रों में ४० शिव जी को बेलपत्र बेहद पसंद है। भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते समय शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना चाहिए। इससे सारी मनोकामना पूरी होने लगती है।.
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